लिंगायत तत्व दर्शन

कूडलसंग के शरण स्वतंत्र हैं और धीर भी हैं देव स्वरूप इष्टलिंग आकार मे
देवलोक - मर्त्यलोक भिन्न नहीं है देह ही देवालय
पूजा खुद करना है मन को शुद्ध करों
लिंगायत तत्व दर्शन लिंगायत धर्म एक-देवोपासन पालन करता है
लिंगायत धर्म में व्रत, शील (नियम) नेम लिंगायत धर्म में सत्संग अवश्यक है
लिंगायत धर्म में हर रोज शुभ है लिंगायत धर्म साहित्य 'आद्धशरणों के वचन पारस है'
लिंगायत धर्म साहित्य 'वचन साहित्य' लिंगायत धर्मस्थापक, धर्मगुरु बसवण्ण
लिंगायत पंचसूतक नही मानता लिंगायत ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र को देव नही मानता
लिंगायत भविष्य, तिथि-वार को नही मानता लिंगायत मे कायक समान्ता
लिंगायत मे भगवान का स्वरूप लिंगायत मे मानव समानता
लिंगायत मे स्त्री पुरुष समानता लिंगायत स्वर्ग, नरक को नही मानता
लिंगायत:शरण का अंगन ही कैलास है लोगों का टेढ़ापन आप क्यों सुधारते हैं?
शरण से मिलकर ’शरणु’ कहो शिवाचार
सती-पती. करनेवाली भक्ति देव पसंद करेंगे
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Guru Basava Vachana

Akkamahadevi Vachana

[1] From the book "Vachana", pub: Basava Samiti Bangalore 2012.