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एडेमठ नागिदेवय्या की पत्नि मसणम्म (११६०)

पूर्ण नाम: मसणम्म
वचनांकित : निजगुणेश्वर लिंग

कौवा कुत्ते को कोई खाते नहीं।
व्रतभ्रष्ट से कोई जुडते नहीं।
कुत्ते को नारंगी अच्चा लगेगा क्या?
लोक के मनुष्य को शिव शरणों के बिना व्रत क्यो?
इस बात के लिए निजगुणेश्वर लिंग ही साक्षी है। / १३०२(1302) [1]

एडेमठ नागिदेवय्या की पत्नि मसणम्म (११६०) चोळमंडल के कांची नगर के एडेमठ के नागिदेव इनके पति हैं। उनके साथ कल्याण नगर में आकर बस गयीं। ’निजगुणेश्वर लिंग’ वचनांकित में लीखा एक वचन प्राप्त है। इसमें व्रत का महत्व और व्रतभ्रष्ट की निंदा अभिव्यक्त है।

References

[1] Vachana number in the book "VACHANA" (Edited in Kannada Dr. M. M. Kalaburgi), Hindi Version Translation by: Dr. T. G. Prabhashankar 'Premi' ISBN: 978-93-81457-03-0, 2012, Pub: Basava Samithi, Basava Bhavana Benguluru 560001.

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