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मळुबाविय सोमण्णा (1650)

पूर्ण नाम: मळुबाविय सोमण्णा
वचनांकित : मळुबाविय सोम

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लभ्यरहित ऐश्वर्य, आयु रहित जीवन
सुखविहीन संसार।
शक्तिहीन काया का संग।
तड़पता हुआ जीव भाव
इनकी चिंताएँ मिटे बिना
मळुबावि के सोम को समझ नहीं सकते।। / 1929 [1]

इनके बारे में अधिक जानकारी नहीं । इनका वचनांकित है - 'मळुबाविय सोम'। इनका एक ही वचन मिला है और उसमें वैराग्य संबंधी विचार का सुंदर प्रतिपादन हुआ है।

References

[1] Vachana number in the book "VACHANA" (Edited in Kannada Dr. M. M. Kalaburgi), Hindi Version Translation by: Dr. T. G. Prabhashankar 'Premi' ISBN: 978-93-81457-03-0, 2012, Pub: Basava Samithi, Basava Bhavana Benguluru 560001.

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